छत्तीसगढ़

ग्रामीण युवा उद्यमियों को सशक्त बनाएंगे रूरल इंडस्ट्रियल पार्क,राज्य योजना आयोग ने किया कार्यशाला का आयोजन

राज्य शासन द्वारा गठित बोर्डों के अध्यक्ष व प्रतिनिधि हुए शामिल गौठानों में चल रहे कार्यों एवं नई तकनीक के इस्तेमाल को लेकर हुई चर्चा आजीविका गुड़ी में होंगे सभी वर्गों के परंपरागत व्यवसाय

छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में प्रदेश में निर्मित गौठान अहम योगदान निभा रहे हैं। ग्रामीणों और युवाओं को नये उद्यमों की स्थापना और रोजगार सृजन के लिए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 300 रूरल इंडस्ट्रियल पार्कों की शुरूआत की है। रूरल इंडस्ट्रियल पार्क को ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से कैसे सशक्त बनाएं एवं कैसे ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण इसका लाभ ले सकें इसके लिए नया रायपुर स्थित राज्य योजना आयोग कार्यालय में आज एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राज्य शासन द्वारा गठित विभिन्न बोर्डों के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधि शामिल हुए।  

रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में आजीविका गुड़ी के माध्यम से सभी वर्गों के परंपरागत व्यवसायों को स्थान मिलेगा। यह कार्यशाला रूरल इंडस्ट्रियल पार्क विषय पर राज्य शासन के विभिन्न बोर्ड के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधियों के लिए विशेष रूप से आयोजित की गई इस कार्यशाला को मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा सम्बोधित करते हुए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की विस्तृत जानकारी दी तथा गौठानों के संचालन के बारे में भी बताया। इसके साथ ही उन्होंने रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में आगे की कार्ययोजना को लेकर भी जानकारी दी और विभिन्न बोर्ड के अध्यक्ष व प्रतिनिधियों से वर्तमान कार्यों एवं नई तकनीक को लेकर विचार-विमर्श किया।

गौरतलब है कि गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क का स्वरूप दिया जा रहा है जिससे ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश आर्थिक सशक्तिकरण की तरफ अग्रसर होगा। कार्यशाला में विभिन्न बोर्ड के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधियों के साथ आजीविका मिशन के संचालक, रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के नोडल अधिकारी एवं ग्रामोद्योग विभाग के संचालक उपस्थित थे।

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