छत्तीसगढ़
4. धमाकों की नहीं…घंटी की गूंज: बस्तर में फैल रहा शिक्षा का उजियारा, न बंदूक न बुलेट, अब हाथों में कागज, कलम और किताब, 14 साल बाद बच्चे बुन रहे सुनहरे सपने

बीजापुर। बस्तर अब बदल रहा है. लाल आतंक का साया हटने के साथ प्रभावित इलाकों में तस्वीरे बदल रही हैं. इसकी बानगी देखनी हो तो बीजापुर जिला मुख्यालय से लगभग 14 किलोमीटर दूर मनकेली पहुंचे. जहां 14 साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर स्कूल की घंटी बजी है.
भले ही मनकेली गांव अब भी मूलभूत सुविधाओं से दूर है, लेकिन शिक्षा विभाग की कोशिश ने इलाके में शिक्षा के जरिये विकास का उजियारा फैलाने में सफलता पाई है.
गत दिनों यहां शेड नुमा ढांचे में स्कूल शुरू हुआ. गांव में जश्न सा माहौल नजर आया. बच्चों को अच्छी तालीम देने माओवाद के डर को दरकिनार कर अभिभावक बच्चों को साथ लेकर स्कूल पहुंचे



