छत्तीसगढ़

8. संविदा प्रथा से मुक्ति के लिए कर्मचारियों की पदयात्रा, CM बघेल से मुलाकात कर करेंगे नियमितीकरण की मांग

रायपुर. छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले राज्य समस्त विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारी एकजुट होकर अपनी वर्षों पुरानी मांग पक्की नौकरी और सुरक्षित भविष्य के लिए नियमितीकरण मनोकामना पदयात्रा निकाल रहे हैं. 19 और 20 नवंबर दो दिवसीय इस का मुख्य उद्देश्य को बताते हुए महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कौशलेश तिवारी ने बताया कि छ.ग. सरकार द्वारा विगत 4 वर्षों से जानकारी संकलन के बाद भी नियमितीकण की कार्यवाही में अत्यधिक विलम्ब हो रहा है.

वहीं, संविदा में कार्यरत कर्मचारियों के 4 साल से किसी भी प्रकार की कोई वेतन वृद्धि नहीं की गई है. संविदा कर्मचारी अपने सुरक्षित भविष्य को लेकर सरकार से आशान्वित थे. किंतु अब उनकी सब्र का बांध टूट रहा है. इसलिए छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने मिलकर दो दिवसीय नियमितिकरण मनोकामना पदयात्रा की योजना बनाई है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से निवेदन करेंगे कि 26 जनवरी को संविदा कर्मचारी को नियमितिकरण का उपहार दें.

18 नवंबर को महासंघ के प्रांतीय/जिला पदाधिकारी एवं राजधानी से लगे हुए आस- पास जिले के समस्त संविदा अधिकारी और कर्मचारी चंदखुरी, माता कौशल्या धाम में शाम को 1008 नियमितीकरण मनोकामना के लिए दीप प्रज्वलित करेंगे. 19 नवम्बर की सुबह 10 बजे माता कौशल्या से नियमितीकरण का आशीर्वाद लेकर संविदा नियमितीकरण मनोकामना पदयात्रा की शुरुआत चंद्रखुरी से रायपुर की ओर प्रस्थान करेगी. कुल 12 से 15 कि.मी. की दूरी तय करने के बाद पदयात्री विश्राम करेंगे. 20 नवम्बर को विश्राम स्थल से संविदा नियमितीकरण मनोकामना पदयात्रा फिर सुबह 9 बजे रायपुर के लिए प्रस्थान करेगी, जिसमें लगभग शत-प्रतिशत कर्मचारी शामिल होगें. रायपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को माता कौशलया धाम से संकलित मनोकामना श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर नियमितीरकण के संबंध में ज्ञापन सौपा जाएगा.

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