जयंत चौधरी के दबाव से उपचुनाव
इसके उलट सपा के नेता आजम खान के खिलाफ 27 अक्टूबर को फैसला आया और 28 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी रामपुर सीट खाली घोषित कर दी। उसी समय जयंत चौधरी ने यह सवाल उठाया कि विक्रम सैनी की सीट क्यों नहीं खाली घोषित की जा रही है।

एम.डी. आरिफ की रिपोर्ट………
राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी के दबाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की खतौली विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा हुई है। असल में इस सीट से भाजपा के विधायक विक्रम सैनी के खिलाफ मुजफ्फरनगर दंगों के मामले में 11 अक्टूबर को फैसला आया था और उनको दो साल की सजा हुई थी। लेकिन न तो उनकी सदस्यता खत्म हुई थी और न उनकी सीट खाली घोषित की गई थी।
इसके उलट सपा के नेता आजम खान के खिलाफ 27 अक्टूबर को फैसला आया और 28 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी रामपुर सीट खाली घोषित कर दी। उसी समय जयंत चौधरी ने यह सवाल उठाया कि विक्रम सैनी की सीट क्यों नहीं खाली घोषित की जा रही है।
राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी के दबाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की खतौली विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा हुई है। असल में इस सीट से भाजपा के विधायक विक्रम सैनी के खिलाफ मुजफ्फरनगर दंगों के मामले में 11 अक्टूबर को फैसला आया था और उनको दो साल की सजा हुई थी। लेकिन न तो उनकी सदस्यता खत्म हुई थी और न उनकी सीट खाली घोषित की गई थी। इसके उलट सपा के नेता आजम खान के खिलाफ 27 अक्टूबर को फैसला आया और 28 अक्टूबर को विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी रामपुर सीट खाली घोषित कर दी। उसी समय जयंत चौधरी ने यह सवाल उठाया कि विक्रम सैनी की सीट क्यों नहीं खाली घोषित की जा रही है।



