छत्तीसगढ़

4. डेंगू से बचने के‍ लिए ‘मॉस्किटो क्वॉइल’ जलाते हैं तो जान लें इसके नुकसान, हो सकती है बड़ी बीमारी

मॉनसून आते ही डेंगू और मलेरिया जैसे मच्‍छर से होने वाली बीमारियों को प्रकोप बढ़ गया है. मच्‍छरों को भगाने के लिए लोग आमतौर पर घरों में मॉस्किटो क्वॉइल या मच्‍छर भगाने वाली अगरबत्‍ती का इस्‍तेमाल करते हैं. इनके जलाने से मच्‍छरों से तो राहत मिलती है लेकिन इससे निकलने वाले जहरीले धूएं दूसरी बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं. हेल्‍थशॉट के मुताबिक, मच्छर मारने वाले क्वॉइल या अगरबत्‍ती में बहुत से ऐसे हानिकारक कैमिकल्स होते हैं जो सांस संबंधित रोगों का कारण बन सकती है. इससे निकलने वाले धूएं सिगरेट के धुएं से कम खतरनाक नहीं होते. क्वॉइल में बेंजो फ्लूओरोथेन और बेंजो पायरेंस नामक तत्व होते हैं जो अस्थमा जैसी बीमारी की वजह भी बन सकता है. आइए जानते हैं कि मॉस्किटो क्वॉइलके क्‍या क्‍या नुकसान हो सकते हैं.

मॉस्किटो कॉइल के नुकसान

अस्थमा
मॉस्किटो क्वॉइल का अगर आप बंद कमरे में लंबे समय तक इस्‍तेमाल कर रहे हैं तो इसकी वजह से अस्थमा होने की आशंका हो सकती है. ये धूंआ फेफड़ों में जमा हो सकते हैं और इसकी वजह से लिवर में भी खराबी आ सकती है. कई लोगों को इससे इरिटेशन और घबराहट की समस्‍या भी होती है जिसे नजरअंदाज नही करना चाहिए.

स्किन रैश
अगर आप ज्यादा समय तक कॉइल के आसपास रहते हैं तो इससे त्वचा पर एलर्जी हो सकती है. यही नहीं, इसके संपर्क में आने से स्किन का निखार गायब हो सकता है.

आंखों को नुकसान
मॉस्किटो क्वॉइलसे आंखों को भी नुकसान हो सकता है. इसकी वजह से आंखों में जलन, आंखों में धुंधलापन और मोतियाबिंद जैसी समस्या भी हो सकती है.

सांस फूलने की समस्‍या
क्वॉइल में बेंजो पायरेंस और बेंजो फ्लूरोओथेन नामक कैमिकल सांस संबंधी समस्याओं को बढ़ाने का काम करते हैं.  इसकी वजह से कई लोगों को सांस लेने में दिक्‍कत का भी सामना करना पड़ता है. इसलिए जहां तक हो सके इसे अधिक करीब ना रखें.

बच्चों में समस्‍या  
6 महीने से कम उम्र के बच्चों या नवजात शिशुओं को तो अगरबत्ती और कॉइल दोनों के ही संपर्क में नहीं लाना चाहिए. इससे उठने वाला धुआं उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है.

मच्‍छरों से बचाव का घरेलू तरीका
-सरसों के तेल में अजवाइन पीसकर डालें और इसे किसी गत्‍ते पर लगाकर घर के चारों तरफ रख दें.
-घर में गेंदा, लैवेंडर, तुलसी जैसे पौधे लगाएं जिसकी खुशबू से मच्‍छर भाग जाते हैं.
-नीम की पत्तियों को जलाकर मच्छरों को भगाएं.
-मच्‍छरदानी लगाकर रात में सोएं.
-साफ सफाई रखें और पानी जमा ना होने दें.

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