छत्तीसगढ़

6. दो दिन के स्टॉक के साथ कोयला संकट से जूझता BSP, रैक नहीं पहुंची तो बंद करना पड़ सकता है भिलाई स्टील प्लांट

भिलाई स्टील प्लांट(‌BSP) पर गहराते कोयला संकट का असर दिखने लगा है। कोयले की कमी की वज़ह से ब्लास्ट फर्नेस को डाउन कर दिया गया है। हालत यह है कि बीएसपी के पास मात्र दो दिन ही प्लांट चलाने के लिए कोयले का स्टॉक बचा हुआ है। इसके चलते प्रबंधन ने रेल मिल का उत्पादन भी कम कर दिया है, यदि प्लांट पूरी तरह से बंद हो गया तो ठंडे हो चुके मिल और फर्नेस को फिर से उसी तापमान में लाने के लिए कई दिन का समय लगेगा। साथ ही इस कार्य में बीएसपी को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ेगा।

कोयले की कमी से कोक ओवन में गैस नहीं बन पा रही है। इससे यहां की रोलिंग मिल को बुधवार को बंद करना पड़ा। सभी कर्मचारी इस बात को लेकर परेशान रहे की आखिर रोलिंग मिल को क्यों बंद किया गया। जब उन्हें पता चला बीएसपी में कोयला संकट मंडरा रहा है तो यह बात बाहर भी आग की तरह फैल गई।कोयला संकट की वजह से प्रबंधन को ब्लास्ट फर्नेस को बंद करना पड़ा। इसके अलावा ब्लास्ट फर्नेस को 4-6 घंटों के लिए डाउन करने की तैयारी की जा रही है। बीएसपी के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यदि दो दिन के अंदर कोयले की रैक भिलाई स्टील प्लांट नहीं पहुंची तो प्लांट को करोड़ों रुपए का नुकसान होगा।

वर्तमान में बीएसपी के अलग-अलग यार्ड में ढाई लाख टन कोयला स्टॉक करने की क्षमता है। लेकिन यहां मात्र 30 हजार टन कोयला ही बचा हुआ है। यदि दो दिन के अंदर कोयले की रैक नहीं आई तो प्लंट को बंद करना पड़ेगा। क्यूंकि इस कोयले से प्लांट को सिर्फ दो दिन तक ही चलाया जा सकता है। बीएसपी प्रबंधन अभी कोयले को अधिक समय तक चलाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके चलते बुधवार को यहां 740 पुशिंग की जगह 400 पुशिंग ही हो सकी।

Related Articles

Back to top button