5. जमीन विवाद में ट्रैक्टर से कुचलकर बुजुर्ग की हत्या, 8 गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में बतौली थाना क्षेत्र के पथरई गांव में रविवार को साढ़े छह एकड़ जमीन के मालिकाना हक को लेकर हुए खूनी संघर्ष में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग किसान होसराम पैकरा की बेरहमी से हत्या कर दी गई. हमलावरों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए पहले बुजुर्ग को लाठियों से पीटा और फिर उन पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया.
इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने 2 महिलाओं समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी पहचान भुवनेश्वर, बजरंग, उमेश, मनोज, रघुनंदन, बोधन, कमली और प्यारी के रूप में हुई है. वारदात में इस्तेमाल ट्रैक्टर को भी जब्त कर लिया गया है.
चौंकाने वाली बात यह है कि इस खूनी खेल की पटकथा राजस्व विभाग के दो विरोधाभासी फैसलों और पुलिस की घोर लापरवाही से लिखी गई. दरअसल, यह विवादित भूमि मूल रूप से कामेश्वरी नामक महिला की थी, जो मृतक होसराम की बड़ी मम्मी और मुख्य आरोपी बजरंग पैकरा की बुआ थीं. निःसंतान कामेश्वरी की देखभाल करने के बदले उन्होंने वसीयत के जरिए जमीन होसराम के नाम कर दी थी, जबकि बजरंग का परिवार भी इस पर हक जता रहा था.
जब यह मामला राजस्व अदालत गया, तो तहसीलदार कोर्ट ने होसराम के पक्ष में फैसला सुनाया, लेकिन बाद में एसडीएम कोर्ट ने इस फैसले को पलटते हुए आरोपियों के हक में निर्णय दे दिया. इन दो विपरीत फैसलों ने दोनों पक्षों के बीच बारूद का काम किया.
अनहोनी की आशंका को देखते हुए मृतक के परिवार ने पहले ही बतौली थाने में लिखित आवेदन देकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस के उदासीन रवैये के कारण समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया.
इसी लापरवाही का नतीजा रविवार सुबह करीब 10:30 बजे देखने को मिला, जब बजरंग पैकरा का परिवार लाठी-डंडों से लैस होकर विवादित खेत की जुताई करने पहुंच गया. इसकी भनक लगते ही सिलमा गांव निवासी होसराम अपने परिजनों के साथ वहां पहुंचे और उन्हें रोकने की कोशिश की.
देखते ही देखते बहस खूनी संघर्ष में बदल गई और आरोपियों ने होसराम पर हमला कर दिया. जब वे लहूलुहान होकर गिर पड़े, तो उमेश नामक युवक ने उन पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे कुचलकर मौके पर ही उनकी तड़प-तड़पकर मौत हो गई. घटना के बाद सीतापुर एसडीओपी राजेंद्र मंडावी और थाना प्रभारी विवेक सेंगर भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला.



