शहर की सफाई में महापौर व पार्षदों की जिम्मेदारी तय, वार्ड स्तर पर बनेगी स्वच्छता समिति

रायपुर। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने अब महापौर, पार्षदों और वार्ड स्तर की समितियों की जिम्मेदारियां तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत अधिक कचरा फैलाने वाले संस्थानों और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम की सामान्य सभा में आयोजित कार्यशाला में महापौर, एमआईसी सदस्य, पार्षद और निगम अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वार्ड में “वार्ड स्वच्छता समिति” का गठन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार अब सफाई अभियान केवल निगम कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनप्रतिनिधियों की भी जवाबदेही तय होगी। वार्डों में नियमित निगरानी, कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई और जागरूकता अभियान चलाने की जिम्मेदारी समिति को सौंपी जाएगी।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि जिन संस्थानों से अत्यधिक कचरा उत्पन्न हो रहा है, उनके खिलाफ जुर्माना लगाने और आवश्यक कार्रवाई का अधिकार कलेक्टर को दिया गया है। इसके साथ ही शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, खुले में कचरा फेंकने पर रोक और स्वच्छता नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया जाएगा।
बैठक में यह भी तय हुआ कि सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीकों और जनसहभागिता का सहारा लिया जाएगा। नगर निगम का मानना है कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से शहर को स्वच्छता के नए स्तर तक पहुंचाया जा सकेगा।





