छत्तीसगढ़

प्रोग्रेसिव प्वाइंट में THD रेस्टोरेंट ऑफिस पर ‘फाइनल नोटिस’ बेअसर: जोन 10 की लापरवाही से नहीं लगा ताला”

रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 10 में अवैध निर्माण को लेकर प्रशासनिक ढिलाई अब बड़े सवालों के घेरे में है। दस्तावेज़ बताते हैं कि संबंधित निर्माण के खिलाफ छत्तीसगढ़ नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 293(1)(2) एवं 302 के तहत प्रारंभिक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे।

इसके बावजूद न तो निर्माण कार्य रोका गया और न ही संबंधित पक्ष द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत किया गया। इसके बाद धारा 307(2) के तहत पुनः नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया गया, लेकिन संबंधित व्यक्ति न तो उपस्थित हुआ और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया।
मामला यहीं नहीं रुका—धारा 307(3) के अंतर्गत 16/03/2026 को अंतिम रूप से नोटिस जारी कर अवैध निर्माण को स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद भी आज दिनांक तक न तो निर्माण हटाया गया और न ही नियमों का पालन किया गया।


नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उक्त कृत्य न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि प्रचलित नियमों का खुला उल्लंघन है। साथ ही आयुक्त द्वारा जारी आदेश क्रमांक 3223 दिनांक 19/03/2025 के तहत धारा 69(4) के अंतर्गत निगम को यह अधिकार है कि वह अवैध निर्माण को हटाए और उसकी लागत संबंधित व्यक्ति से वसूले।
सबसे बड़ा सवाल यही है—जब जोन आयुक्त द्वारा “अंतिम नोटिस” तक जारी किया जा चुका है, तो फिर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही है या फिर इसके पीछे कोई सांठगांठ?
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि निगम की कार्रवाई अक्सर कमजोर वर्ग तक सीमित रहती है, जबकि प्रभावशाली लोगों के मामलों में नियम केवल कागज़ों तक ही सीमित रह जाते हैं।
अब देखना होगा कि निगम इस मामले में कब और कैसे कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी अन्य फाइलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

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