छत्तीसगढ़

3. छत्तीसगढ़ : मरीजों के लिए राहत की खबर, अब प्राइवेट अस्पतालों की फार्मेसी से दवा खरीदना जरूरी नहीं, बोर्ड भी लगाना होगा

छत्तीसगढ़ के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब प्राइवेट अस्पताल में बीमारी का इलाज कराने वाले मरीजों को वहीं की फार्मेसी से दवा खरीदना अनिवार्य नहीं होगा. खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक की ओर इस मामले में आदेश जारी किया गया है.

अब प्राइवेट अस्पतालों की फार्मेसी से दवा खरीदना जरूरी नहीं

इस आदेश के तहत अस्पतालों के मेडिकल स्टोर्स में ‘दवाई यहां से खरीदना अनिवार्य नहीं है’ की तख्ती लगाना भी अनिवार्य किया गया है. औषधि नियंत्रक द्वारा जारी किए गए इस आदेश के बाद निजी अस्पतालों के भीतर संचालित होने वाली दवा दुकानों की मनमानी पर रोक लगेगी. अभी इस तरह की शिकायत आम होती है कि संबंधित अस्पताल के डाक्टरों द्वारा लिखी जाने वाली दवा वहीं की दवा दुकानों में एमआरपी के हिसाब से मिलती है.

मनमानी पर लगेगी रोक

इसके साथ मरीज के अटेंडरों पर इस बात का भी दबाव होता है कि हॉस्पिटल से दी जाने वाली पर्ची की दवा उनके अधिकृत मेडिकल स्टोर्स से ही खरीदी जाए. वर्तमान में सारे बड़े और मध्यम दर्जे के हॉस्पिटलों की स्वयं की दवा दुकान है. इसके अलावा छोटे हॉस्पिटल और क्लीनिक संचालित करने वाले डाक्टर की दवा दुकानों से सीधे सेटिंग है, जहां से मरीजों को दवा खरीदने का दबाव रहता है. इस तरह की समस्या को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक की ओर से सभी जिलों के सहायक औषधि नियंत्रकों को निर्देशित किया गया है कि इस अनिवार्यता पर रोक लगाया जाए.

शिकायतों पर लिया गया फैसला – अरुण साव

वहीं प्राइवेट अस्पतालों की फार्मेसी से ही दवा खरीदना पर लगी रोक को लेकर डिप्टी CM अरुण साव ने कहा कि जनहित के निर्णय सरकार कर रही है. शिकायतों के निराकरण की दृष्टि से निर्णय हुआ है.

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