छत्तीसगढ़

1. ‘आखिर यह महिला चाहती क्या है’… पति पर लगाए मारपीट और चरित्र शंका के आरोप, कोर्ट ने तलाक की अनुमति दी, तो गिड़गिड़ाने लगी

बिलासपुर  । छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पारिवारिक विवाद का अजीब मामला सामने आया है। पहले तो महिला ने पति पर तरह-तरह के आरोप लगाए। परेशान होकर पति ने फैमिली कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और तलाक की याचिका दायर कर दी।

कोर्ट ने तलाक की मंजूरी दे दी, तो महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने हाई कोर्ट में तलाक के खिलाफ याचिका कर दी। हाई कोर्ट ने भी फैमिली कोर्ट का आदेश बरकरार रखा, तो महिला गिड़गिड़ाने लगी। उसने मान लिया कि पति पर लगाए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।

2003 में हुई थी शादी, 8 साल बाद पति ने मांगा तलाक

  • महिला नगर निगम में काम करती है, जबकि पति की प्राइवेट नौकरी है।
  • दोनों की शादी 29 जनवरी 2003 को बिलासपुर में हिन्दू रीति रिवाज से हुई थी।
  • तब पति उम्र में महिला से 10 साल छोटा था। दोनों के बीच शुरू से विवाद होने लगे।
  • शादी के बाद महिला लगातार मायके जाने लगी। इससे मनमुटाव और बढ़ गया।
  • 3 जून 2004 को महिला मां बनी, तो भी पति ने आगे बढ़कर सुलह की कोशिश की।
  • हालांकि विवाद कम नहीं हुए। पति को बिना बताए बेटे का मुंडन संस्कार कर दिया।
  • आठ साल की अनबन के बाद पति एक बार फिर पत्नी को लेने ससुराल गया।
  • पत्नी ने इनकार कर दिया। मारपीट करने के साथ ही चारित्रिक लांछन भी लगा दी।
  • इसके बाद पति ने फैमिली कोर्ट में विवाह विच्छेद के लिए याचिका दायर की।
  • सुनवाई के बाद कोर्ट ने पति की याचिका को स्वीकार करते हुए तलाक की अनुमति दे दी।
  • फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ पत्नी पहुंची हाई कोर्ट

    फैमिली कोर्ट से तलाक का आदेश जारी होने के बाद पत्नी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में तलाक का आदेश खारिज करने की मांग की गई। पत्नी ने याचिका में पति के साथ रहने की बात भी कही।

    हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि पत्नी ने पति के खिलाफ मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं। आरोप साबित करने के लिए वह कोर्ट के सामने कोई सबूत पेश नहीं कर पाई। पति भी नहीं समझ पा रहा है कि आखिर पत्नी क्या चाहती है? उम्मीद है कि अब दोनों में कोर्ट के बाहर समझौता हो जाएगा।

     

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