सरपंच कर्ज में डूबे, समस्या का हो समाधान नहीं तो होगा जन आंदोलन – धर्मेंद्र साहू

राजनांदगांव । त्रिस्तरीय पंचायती राज अंतर्गत सत्र 2020 से 25 तक के कार्यकाल में बने सरपंचों की समस्या पिछले 4 वर्षों से कम नहीं हो रही है।
2020-21 में कोरोना की मार पड़ा उसके पश्चात विकास कार्यों को आगे ले जाने का कोशिश किया किंतु शासन प्रशासन द्वारा सही समय पर भुगतान नहीं हो पाने की समस्या से आज तक जूझ रही है।
जिले के ग्राम पंचायतो में विभिन्न समस्याए उत्पन्न हो रही है। जिससे ग्राम पंचायत में विकास कार्य अवरुद्ध हो गया है।
निर्माण कार्य पूर्ण होने के बावजूद भी शासन द्वारा राशि भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिससे सरपंच कर्ज के तले डूबे हुए हैं।
ग्राम पंचायत में निर्माणाधीन पानी टंकी निर्माण कार्य पिछले 2 वर्षों से अपूर्ण है तथा ठेकेदार कार्य बंद कर दिए हैं जिसके कारण ग्राम पंचायत में ग्राम सभाओं एवं पंचायत बैठकों में ग्रामीण व पंचगण के साथ अक्सर सरपंचों की विवाद की स्थिति बनी रहती है जिसका सरपंच भी किसी प्रकार से जवाब नहीं दे पाते।
मनरेगा सॉफ्टवेयर में कुछ वेंडर का खाता अपडेट नहीं है खाता अपडेट नहीं होने के कारण राशि का हस्ताक्षरतरण की समस्या बनी हुई है उक्त संबंध में सरपंचों के द्वारा तथा जनपद पंचायत के द्वारा जिला पंचायत एवं उच्च अधिकारी को पत्र जारी किया गया है किंतु अब तक खाता अपडेट नहीं होने के कारण भुगतान कि समस्या बनी हुई है। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान मद से विभिन्न ग्राम पंचायत भवन मरम्मत की स्वीकृति हुई थी कार्य एजेंसी सरपंचों के द्वारा समस्त ग्राम पंचायत का मरम्मत पिछले 2 वर्षों से पूर्ण कर लिया गया है अब उक्त भुगतान की राशि योजना बंद हो जाने की स्थिति में नहीं आ पा रही है। जिससे कर्ज की समस्या से सरपंच लोग झेल रहे हैं ग्राम पंचायत में अलग-अलग मद से अनेकों कार्य चल रहे हैं किंतु निर्माण कार्यों का राशि समय पर भुगतान नहीं होने के कारण निर्माण कार्य की गति में विराम हो गया है।
विभिन्न ग्राम पंचायत में सोलर लाइट स्थापना का कार्य कि
स्विकृति मिली है किंतु कार्य पूर्ण होने के दो-तीन वर्ष उपरांत भी मूल्यांकन एवं सत्यापन नहीं किए जाने के कारण आज पर्यंत तक उक्त निर्माण कार्यों का भुगतान में समस्या बनी हुई है
निर्माण कार्य प्रारंभ होने के बाद भी कार्य एजेंसी को 40% की राशि नहीं मिल पाने के कारण निर्माण एवं विकास कार्यों में समस्या हो रही है कार्यों की स्वीकृति उपरांत संपूर्ण राशि संबंधित पंचायत के जनपद पंचायत में भेजने से संभवत उक्त समस्याओं से निजात पाया जा सकता है।

उक्त सभी निर्माण कार्य विभिन्न मद जैसे जिला पंचायत विकास निधि व 15 वित्त विकास निधि, जनपद पंचायत विकास निधि व 15 वित्त विकास निधि, मनरेगा, डी एम एफ, LWE, विधायक निधि, सांसद निधि, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना निधि, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना निधि एवं अन्य मदों से राशि की भुगतान निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के महीनो दिन बीत जाने पर भी भुगतान की समस्या बनी हुई है।
सरपंच मटेरीयल सप्लायरों से एक निश्चित दिन तक समस्त मटेरीयल का भुगतान समय पर करने की बात कर सामग्री खरीदते हैं, निर्माण एवं विकास कार्य को तेजी से करने का प्रयास करते हैं, किंतु समय पर शासन द्वारा भुगतान नहीं होने पर सरपंचों को कर्ज कर मटेरियल सप्लायर को राशि भुगतान करना पड़ता है, किंतु महीनो बित जाने पर भी राशि नहीं मिलने पर सरपंचों को कर्ज का बोझ सहना पड़ रहा है जिला एवं जनपद पंचायत द्वारा ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने का बार-बार मौखिक दबाव एवं कार्यों की समीक्षा किया जाता है तथा जल्द कार्य करवाने के लिए बार-बार मॉनिटरिंग किया जाता है और अन्य मद के राशि को भी उक्त कार्यों को करवाने के लिए बाध्य करते हुए राशि को रोका जाता है। किंतु राशि भुगतान पर उक्त कार्यालय द्वारा बार-बार पत्र एवं मांग पत्र भेजने पर भी राशि भुगतान नहीं किया जाता ।
उक्त सभी समस्याओं को देखते हुए आज सरपंच संघ राजनांदगांव के द्वारा संसद माननीय संतोष पांडे, श्री मति गीता घासी साहू अध्यक्ष जिला पंचायत राजनांदगांव, कलेक्टर जिला राजनांदगांव एवम मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राजनांदगांव को ज्ञापन सोपा और उक्त समस्याओं को देखते हुए जल्द से जल्द राशि भुगतान नहीं होने की स्थिति में एवं पानी टंकी का कार्य पुनः प्रगति पर व पूर्ण नहीं होने पर सरपंच संघ के द्वारा उग्र आंदोलन की चेतावनी दिया गया है। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
धर्मेंद्र साहू जिला अध्यक्ष सरपंच संघ राजनांदगांव के साथ-साथ श्रीमती सारिका मनीष जैन, श्रीमती दुर्गा महानदीया, आतिश कुमार सिन्हा, कोमिका प्रताप घावड़े, दिनेश ठाकुर, भुवनेश्वर चंद्रवंशी, प्रीतम साहू, संगीता भुआर्य एवम जिले के विभिन्न सरपंचगण उपस्थित थे।



