छत्तीसगढ़

स्वास्थ्य, जागरूकता एवं महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में मितानिनों का काम उल्लेखनीय, मितानिनें छत्तीसगढ़ का गौरव- सिंहदेव

स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने पंच-सरपंचों से मितानिन दिवस पर मितानिनों का सम्मान करने की अपील की, पंच-सरपंचों को लिखा पत्र

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने प्रदेश भर के पंचों और सरपंचों को पत्र लिखकर आगामी 23 नवम्बर को मितानिन दिवस पर ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित कर मितानिनों का सम्मान करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि पोषण, स्वास्थ्य एवं जागरूकता के क्षेत्र में मितानिनों ने उल्लेखनीय काम किया है। वे हमारे प्रदेश का गौरव हैं।

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने पंच-सरपंचों को लिखे पत्र में कहा है कि 23 नवम्बर 2022 को हमारा मितानिन कार्यक्रम 21 साल पूरे कर रहा है। छत्तीसगढ़ की जनता के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में हमारी 72 हजार मितानिन बहनों की मेहनत का बहुत बड़ा योगदान रहा है। राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो प्रगति हासिल की हैं, वह मितानिनों के प्रयास के बिना संभव नहीं होती।

मंत्री सिंहदेव ने पत्र में कहा है कि 21 साल पहले मितानिन बहनों द्वारा मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य और पोषण के विषयों से अपना कार्य शुरू किया गया था। फिर उन्होंने मलेरिया, दस्त, टी.बी. और कुष्ठ जैसे रोगों से लड़ने में बड़ी भूमिका निभानी शुरू की और आज वे मानसिक स्वास्थ्य, बी.पी., शुगर आदि के लिए भी समुदाय को सेवाओं से जोड़ रही हैं। वे स्वास्थ्य समस्याओं पर समुदाय की जागरूकता बढ़ाने, उचित सलाह देने और सामान्य बीमारियों के लिए प्राथमिक इलाज देने का काम कर रही हैं। स्वास्थ्य के अधिकार के साथ-साथ मितानिन बहनें महिला सशक्तीकरण जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी बेहतर कार्य कर रही हैं। वे शासन की अनेक कल्याणकारी योजनाओं के अधिकार से समुदाय को जोड़ रही हैं।

मंत्री सिंहदेव ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ के मितानिन कार्यक्रम से सीख लेकर देश भर में ‘आशा’ कार्यक्रम बना जिसमें आज 10 लाख महिलाएं सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं। मितानिनें छत्तीसगढ़ का गौरव हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस साल वैश्विक स्तर पर उनके योगदान को सराहा है। प्रदेश में हर साल 23 नवम्बर का दिन मितानिन सम्मान दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

स्वास्थ्य मंत्री ने मितानिनों के योगदान को रेखांकित करते हुए पंच-सरपंचों से कहा है कि वे समुदाय के लिए लगातार काम कर रही हैं और समुदाय की नेतृत्वकर्ता पंचायती राज संस्थाएं हैं। उन्होंने सभी सरपंचों एवं पंचों से अपील की है कि वे अपनी-अपनी ग्राम पंचायत में 23 नवम्बर को मितानिन दिवस का धूमधाम से आयोजन कर मितानिन बहनों को सम्मानित करें।

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