ब्लड शुगर लेवल कम करने के लिए आटे में मिलाएं ये खास पोषक तत्व, मिलेगा फायदा

डायबिटीज की समस्या उम्र के साथ और अधिक बढ़ती जाती है. टाइप-2 डायबिटीज मुख्य रूप से गलत डाइट और लाइफस्टाइल की वजह से होती है. इसके लक्षण एक दिन में डेवलप नहीं होते हैं. इसे बढ़ने में समय लगता है, इसलिए यदि समय रहते इस पर कंट्रोल कर लिया जाए तो कई बड़ी समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सकता है. टाइप-2 डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए डाइट पर विशेष ध्यान देना होगा. खासकर, डाइट में से कार्बोहाइड्रेट को कम करना जरूरी है. डायबिटीज के पेशेंट्स को प्रॉपर प्रोटीन, फाइबर और मिनरल की आवश्यकता होती है, जो उसे कई प्रकार के आटे से मिल सकती है. डायबिटीज में नॉर्मल गेंहू के आटे की बजाय मोटे अनाज के आटे का प्रयोग फायदेमंद हो सकता है. गेंहू के आटे में प्रोटीन और फाइबर युक्त आटे को मिलाकर खाने से ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने में मदद मिलती है. चलिए जानते हैं डायबिटीज में गेंहू के आटे में कौन से पोषक तत्वों को मिलाया जा सकता है.
बादाम का आटा
बादाम का आटा बारीक पिसे हुए बादाम से बनाया जाता है.बादाम का आटा ग्लूटेनफ्री होता है जो डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है. हेल्थलाइन के अनुसार, बादाम के आटे में कार्ब्स की मात्रा कम होती है, जो वेट को मेंटेन कर सकती है. इसमें प्रोटीन, फाइबर और फैट अधिक होता है, जो इसे कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स देता है. बादाम के आटे का स्वाद अखरोट की तरह लगता है, जिसे कई व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है. डायबिटीज में इसका प्रयोग गेंहू के आटे में मिलाकर किया जा सकता है.
नारियल का आटा
नारियल का आटा डायबिटीज पेशेंट्स के लिए बहुत ही हेल्दी ऑप्शन हो सकता है. नारियल के आटे में कार्ब्स की मात्रा काफी कम होती है और इसमें अधिक मात्रा में फाइबर होता है, जो ब्लड शुगर को मैनेज करने में मदद करता है. फाइबर की अधिक मात्रा होने से इसे पचाना भी आसान हो जाता है. नारियल के आटे को गेंहू के आटे के साथ मिलाकर प्रयोग किया जा सकता है.
चने का आटा
चने का आटा डायबिटीज में काफी फायदेमंद होता है. अधिकतर डायबिटिक पेशेंट्स इसका प्रयोग करते हैं. इसमें हाई प्रोटीन होता है जो इंसुलिन रेसिस्टेंस को रोकने में मदद कर सकता है. चने के आटे में चीनी की मात्रा न के बराबर होती है जो ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद कर सकता है. चने के आटे में रेग्यूलर आटे को मिलाकर रोटी के लिए प्रयोग किया जा सकता है.
रोल्ड ओट्स को पीसकर ओट्स का आटा तैयार किया जाता है. ओट्स का आटा न केवल फाइबर और प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है बल्कि इसमें बीटा ग्लूकेन भी होता है जो ब्लड शुगर लेवल को कम करने का काम कर सकता है. ओट्स के आटे की रोटी खाने से पेट भी अधिक दे तक भरा रहता है.



