नक्सलियों ने नहीं लौटाई मोटरबोट, युवाओं ने लगाई डोंगी
बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अबूझमाड़ से सटे बीमारी से प्रभावित गांवों तक पहुंचने चिकित्सा दलों को क्षेत्र के युवा लकड़ी की डोंगी में इंद्रावती नदी पार करा रहे हैं। नगरसेना की मोटरबोट 25 सितंबर को नक्सलियों द्वारा लूटकर ले जाने के बाद डोंगी की व्यवस्था की गई है।

जगदलपुर। बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अबूझमाड़ से सटे बीमारी से प्रभावित गांवों तक पहुंचने चिकित्सा दलों को क्षेत्र के युवा लकड़ी की डोंगी में इंद्रावती नदी पार करा रहे हैं। यहां भैरमगढ़ से 15 किलोमीटर दूर इंद्रावती नदी के उसपरी घाट पर प्रशासन द्वारा तैनात की गई नगरसेना की मोटरबोट 25 सितंबर को नक्सलियों द्वारा लूटकर ले जाने के बाद डोंगी की व्यवस्था की गई है।
मोटरबोट नौ दिनों से नक्सलियों के कब्जे में हैं। चिकित्सा दलों को जब भी नदी पार करना होता है। नदी के दूसरी ओर तटीय गांवों के युवाओं तक संदेश भेज डोंगी मंगा ली जाती है। युवाओं ने भी अपनी टीमें बना ली हैं जो सुबह-शाम बारी-बारी से चिकित्सा दलों को नदी पार कराने की जिम्मेदारी पूरी करते हैं।
दो टीमें भेजी गई थीं : विदित हो कि बीजापुर जिले के चार और नारायणपुर जिले के दो गांवों में बीमारी से पिछले कुछ माह में 39 लोगों की मौत की सूचना ग्रामीणों की ओर से दोनों जिला प्रशासन को मिली थी। सूचना मिलने के बाद प्रभावित गांवों में बीजापुर जिले से पांच और नारायणपुर जिले से वहां के मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डा. बीआर पुजारी के नेतृत्व में दो टीमें भेजी गई थीं। चार दिन गांवों में रहने के बाद टीमों की वापसी के पहले ही नक्सलियों ने मोटरबोट गायब कर दी थी। जिसके बाद चिकित्सा दलों की ग्रामीणों ने पंचायत पदाधिकारियों की पहल पर डोंगी से रात में नदी पार करा वापसी सुनिश्चित की थी।
ग्रामीणों ने युवाओं को सौंपा जिम्माः इधर प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए लगातार स्वास्थय विभाग की टीमों को भेजा जा रहा है। टीमों को नदी पार कराने का जिम्मा ग्रामीणों ने युवाओं को सौपा है। नईदुनिया ने एक स्वास्थ्य कर्मी के माध्यम से एक युवा से चर्चा की तो उसका कहना था कि चिकित्सा सेवा का काम है और इसके लिए टीमों को गांवों तक पहुंचने कोई बाधा न हो इसके लिए हम युवा सहयोग कर रहे हैं।



