छत्तीसगढ़

निगम आयुक्त द्वारा सीमांकन, नक्शे और रिकॉर्ड के बाद भी निर्माण रोकने की कोशिश?”

रायपुर। छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (सीजीकॉस्ट) ने नगर निगम रायपुर को पत्र लिखकर परिषद को आवंटित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को रोकने संबंधी आपत्तियों पर अपना पक्ष रखा है। परिषद ने दावा किया है कि निर्माणाधीन नालंदा परिसर परिषद को आवंटित भूमि के भीतर ही स्थित है और इसे रोकने का कोई औचित्य नहीं है।

महानिदेशक प्रशांत कविवर द्वारा आयुक्त, नगर पालिक निगम रायपुर को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि परिषद को खसरा नंबर 828/4 की लगभग 40.01 एकड़ भूमि आवंटित है। परिषद के अनुसार नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए नक्शों और राजस्व अभिलेखों के अध्ययन के बाद यह स्पष्ट होता है कि निर्माणाधीन नालंदा परिसर परिषद की आवंटित भूमि की सीमा के अंदर है।


पत्र में उल्लेख किया गया है कि परिषद भवन (विज्ञान भवन) के चारों ओर ही बाउंड्रीवाल का निर्माण किया गया है, जबकि नगर निगम के पत्र में यह उल्लेख किया गया था कि पूरी आवंटित भूमि के चारों ओर बाउंड्रीवाल निर्मित है।

परिषद ने इस दावे पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि वास्तविक स्थिति अलग है।
सीजीकॉस्ट ने यह भी बताया कि नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए खसरा नक्शे की जियो-रेफरेंसिंग कर उसे परिषद की आवंटित भूमि के नक्शे के साथ ओवरले किया गया, जिससे भूमि की सीमाएं स्पष्ट रूप से सामने आई हैं। परिषद का कहना है कि जीपीएस आधारित सर्वेक्षण और तैयार मानचित्र भी यह दर्शाते हैं कि निर्माणाधीन नालंदा परिसर खसरा नंबर 828/4 की सीमा के भीतर स्थित है।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि परिषद को आवंटित भूमि का विधिवत सीमांकन राजस्व अधिकारियों एवं परिषद के अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया था और इसकी संयुक्त सीमांकन रिपोर्ट 29 जनवरी 2024 को तहसीलदार रायपुर को भेजी गई थी। इसकी प्रति नगर निगम को भी उपलब्ध कराई गई थी।
इन तथ्यों के आधार पर परिषद ने नगर निगम से आग्रह किया है कि नालंदा परिसर के निर्माण कार्य को रोकने के बजाय उसे जारी रखने की अनुमति दी जाए। परिषद का कहना है कि वर्तमान भू-अभिलेखों, सीमांकन रिपोर्ट और उपलब्ध मानचित्रों के अनुसार निर्माण कार्य परिषद को आवंटित भूमि की सीमा के भीतर हो रहा है।
मुख्य बिंदु:
सीजीकॉस्ट ने नगर निगम रायपुर को विस्तृत पत्र भेजा।
परिषद का दावा— नालंदा परिसर का निर्माण खसरा 828/4 की सीमा के भीतर।
जीपीएस सर्वे और जियो-रेफरेंस्ड नक्शों का हवाला।
29 जनवरी 2024 की सीमांकन रिपोर्ट का भी उल्लेख।
निर्माण कार्य रोकने के बजाय जारी रखने का आग्रह।

Related Articles

Back to top button