9. छोले जैसी कई चीजें खाने से बढ़ती है शरीर में गर्मी, मगर 5 फूड-ड्रिंक्स से भरी दोपहर में भी पेट रहेगा ठंडा

गर्मी में अपने भोजन को लेकर अधिकतर लोग सतर्क नहीं रहते हैं। जो हमारे पास आसानी से उपलब्ध होता है, घर पर बना होता है या फिर जाना-पहचाना होता, हम खा लेते हैं। लेकिन एक डाइटिशियन होने के नाते मैं ऐसा करने की सलाह कभी नहीं दूंगी। क्योंकि, जो फूड या डाइट सर्दी के दौरान आपको फायदा व आराम पहुंचा सकती है, जरूरी नहीं कि वही गर्मी में 40 डिग्री सेल्सियस पार होने के बाद भी वैसा ही असर करे।
गर्मी से खुद को बचाने के दौरान शरीर पर हमेशा तनाव बना रहता है। बॉडी को ठंडा रखने के लिए ब्लड फ्लो स्किन की तरफ जाता है। आपको पसीना आता है, सॉल्ट्स कम होते हैं, यहां तक कि धूप में 10 मिनट खड़ा रहने के लिए बहुत कष्ट झेलना पड़ता है। ऐसे में भारी खाना खाने के बाद पाचन पर और जोर पड़ जाता है। जिससे ब्लोटिंग, फटीग, सिरदर्द और भारीपन महसूस होने लगता है।
हेल्दी फूड्स भी कर सकते हैं दिक्कत
आप छोले के इस उदाहरण से समझ सकते हैं। कोई यकीन नहीं करेगा कि पोषण से भरे छोले दिक्कत का कारण बन सकते हैं। छोले भारी होते हैं, इनके अंदर कॉम्प्लेक्स कार्ब्स होता है, जो धीरे-धीरे पचते हैं। पाचन की इस प्रक्रिया के दौरान अंदर ही अंदर गर्मी विकसित होती है। पहले से गर्मी के माहौल में इसके कारण एसिडिटी बन सकती है। ब्लोटिंग परेशान कर सकती है, संवेदनशील पेट वालों को आईबीएस भी हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि छोले खाना गलत है। मगर यहां पर समय और मात्रा दिक्कत पैदा कर सकती हैं।
इसी तरह रेड मीट, मटन खाने पर प्रोटीन मेटाबॉलिज्म होता है, जिससे काफी मात्रा में मेटाबॉलिक हीट बनती है। फ्राइड फूड से भी पाचन धीमा हो जाता है और बॉडी डिहाइड्रेट होने लगती है। यहां तक कि हेल्दी माने जाने वाले नट्स भी अत्यधिक गर्मी में ज्यादा मात्रा में खाने पर शारीरिक समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इसलिए इन्हें ज्यादा मात्रा में खाने की गलती ना करें।
मसालेदार खाने की बात थोड़ी अलग है। मिर्च से आपको ज्यादा पसीना आता है और पसीने से शरीर को ठंडा रखने में मदद मिलती है। लेकिन बहुत ज्यादा मिर्च-मसालेदार खाने से गट में दिक्कत पैदा हो जाती है और डिहाइड्रेशन बढ़ता है। इन सभी चीजों के साथ एक बात समान है कि ये चीजें शरीर को पहले से ज्यादा प्रेशर में डाल देती हैं।
कर्ड राइस है फायदेमंद
आप गर्मी के दौरान कर्ड राइस का सेवन करके राहत पा सकते हैं। दही से मिलने वाले प्रोबायोटिक्स गट को आराम देते हैं और इंफ्लामेशन कम करते हैं। चावल आसानी से पच जाता है। दोनों मिलकर आपके इंटरनल टेंप्रेचर को कम रखते हैं और शरीर को भारी रखने की जगह हल्का बनाए रखते हैं। साथ में थोड़े से करी पत्ता और हरी मिर्च डालने पर यह सादा सा खाना टेस्टी बन जाता है।
खीरा पुदीना रायता
खीरे का अधिकतर हिस्सा पानी होता है। पुदीना का डायजेस्टिव ट्रैक्ट पर कूलिंग इफेक्ट होता है। दोनों को दही के साथ मिलाने पर यह गर्मी के दौरान पेट के लिए एक आवश्यक भोजन बन जाता है।
आम पन्ना
कच्चे आम का शरबत पीने से पसीने में निकले सारे इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति हो जाती है। यह लिवर को सपोर्ट करता है और गर्मियों के मौसम को आनंददायक बनाता है। आम पन्ना को कच्चे आम के साथ काला नमक और जीरा मिलाकर बनाया जाता है। हीट एग्जॉशन से बचाने में आम पन्ना किसी भी दूसरी फैन्सी ड्रिंक्स से ज्यादा असरदार है।
सत्तू शरबत
यह ड्रिंक बिहार और यूपी में काफी फेमस है। इसे ठंडे पानी में भुने चने का आटा, नींबू का रस और काला नमक मिलाकर बनाया जाता है। यह पेट को भरा रखता है, ठंडा करता है और पाचन को आसान बनाता है। घंटों तक आपकी भूख शांत रहती है और गर्मी में होने वाली ब्लोटिंग और जलन नहीं होती।
नारियल पानी
आप नारियल पानी को चाहे सीधा पी जाएं या फिर तटीय व्यंजनों की तरह चावल की डिश में इस्तेमाल करके सेवन करें, यह संतुलित हाइड्रेशन देने और ब्लड प्रेशर को स्टेबल रखने में मदद करता है। लू के दौरान यह शरीर के लिए बहुत जरूरी है और लोगों को इसके बारे में कम जानकारी है।
एक बात का ध्यान रखें कि अगर आप ने ऐसा खाना खाया है, जो भारी और गर्म है तो पक्का वो बाद में आपको दिक्कत पैदा करेगा। गर्मी का खाना आपको हल्का और ठंडा महसूस करवाने वाला होना चाहिए। यह गर्मी के दौरान शरीर को हेल्दी रखने का बहुत ही आसान सा तरीका है।



