छत्तीसगढ़

7. ठंड के मौसम में बढ़ जाती है ह्रदयाघात की आशंका, सावधानी है जरूरी

जैसे-जैसे मौसम में ठंडक बढ़ती है, वैसे-वैसे ह्रदय से जुड़े रोगों और समस्याओं में वृद्धि होती जाती है। ऐसे में ह्रदय रोग के मरीजों को ठंड के इस मौसम में अपना विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। रिसर्च रिपोर्ट कहती है, जिन्हें पहले से ह्रदय संबंधी कोई परेशानी है, उन्हें सर्दी के दिनों में हार्ट अटैक का खतरा 31 फीसदी तक बढ़ जाता है।

ह्रदय रोग विशेषज्ञ डा. यतेन्द्र पोरवाल के अनुसार, इसका कारण यह है कि ठंड के मौसम में खून गाढ़ा हो जाने से रक्त में थक्के (ब्लड क्लाट) बनने की आशंका बढ़ जाती है। इससे हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है। सर्दियों में शरीर का तापमान कम हो जाता है, जिससे रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। इससे हृदय को रक्त पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हृदय पर दबाव पड़ता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

 

कई अन्य कारण भी हैं शामिल

इसके अलावा धूमपान, उच्च रक्तचाप, हाई कोलेस्ट्राल, मधुमेह, मोटापा और तनाव भी हार्ट अटैक के अन्य कारणों में शामिल हैं। इनसे बचाव के लिए धूमपान ना करें, अपने रक्तचाप और कोलेस्ट्राल को नियंत्रित रखें, मधुमेह और मोटापे को नियंत्रित रखें, तनाव कम लें, ठंड के मौसम में गर्म कपड़े पहनें और नियमित रूप से व्यायाम करें। यदि आप हृदय रोग से पीड़ित हैं, तो ठंड के मौसम में विशेष सावधानी बरतें। सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत ही डाक्टर से सलाह लें।

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