7. ट्रिपल मर्डर केस में हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका, दोषी पिता-पुत्र की उम्र कैद की सजा बरकरार

महासमुंद के चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. जमीन विवाद को लेकर गायकवाड़ परिवार के तीन लोगाें की हत्या मामले में हत्या के आरोपी पिता-पुत्र की अपली को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है. इस पूरे मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिविजन बेंच ने सुनवाई की है. बेंच ने निचली अदालत के द्वारा सुनाई उम्र कैद की सजा को बरकरार रखने का फैसला सुनाया है. मामले में आरोपी पिता परसराम और उसके बेटे ने घर में घुसकर तीन लोगों का गला रेतकर हत्या की थी.
ऐसे मामले में न्याय बरतना सिद्धांतों के खिलाफ
इस मामले में आरोपियों ने हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान सजा से राहत की मांग की. लेकिन अदालत ने सभी पक्षों के बयान सुनने के बाद यह साफ कर दिया कि यह अपराध अत्यंत गंभीर है और जघन्य प्रकृति का है. ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरतना न्याय प्रणाली और सिद्धांतों के खिलाफ है. अदालत ने कहा कि निचली अदालत ने जो फैसला सुनाया है उसमें कोई त्रुटि नहीं है और सजा को पूरी तरह से उचित माना जाएगा.



