छत्तीसगढ़

5. नाली में पड़ी मिली एक नन्ही नवजात, जवान ने मुँह में श्वास दे कर बचाई जान

रायपुर। रायपुर पुलिस ने फिर एक बार इंसानियत की मिसाल कायम कर दी। ऊरला इलाके के अछोली गांव के समीप बंधवा तालाब के नजदीक किसी नवजात शिशु के नाली में पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली। उरला के डायल 112 वाहन में तैनात जवान ताराचंद गेंडल मौके पर पहुंचा। पुलिस जवान ने आसपास की कुछ महिलाओं और लोगों को इकट्ठा कर बच्ची को बाहर निकाला। किसी बेरहम ने बोरे के अंदर झोले में भरकर नवजात को नाली में फेंक दिया था। कीचड़ में सनी बच्ची अचेत अवस्था में थी। यह देख जवान ने अपने मुंह से बच्ची को श्वास देने के साथ पंप किया, जिससे बच्ची रोने लगी। जवान बच्ची को तत्काल आंबेडकर अस्पताल ले गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य है। इस तरह जवान की सजगता से नवजात की जान बच गई। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि अज्ञात व्यक्ति ने पैदा होते ही मारने की नीयत से बच्ची को फेंका था। उरला थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी की गई है।

क्यों लोग फेंक देते हैं नवजात
नवजात शिशु न केवल नाली में, बल्कि अस्पताल के दरवाजों के बाहर, और घने जंगल के बीच पाए गायें है। या तो नाजायज़ माना जाता है या तोह उनमे से कई नवजात लडकियां होती है। भारत देश में सदियों से लड़कियों का पैदा होने पर पाप या श्राप मानाने वाला दौर कब ख़तम होगा? फिहाल नवजात बच्ची को गोद लेने के लिए एक परिवार सामने आया है। पुलिस का कहना है कि इसके लिए औपचारिकता पूरी करने की कार्रवाई की जा रही है। उम्मीद की जा रही है की जल्द ही बच्ची को पालक मिल जाएगा।

 

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