छत्तीसगढ़

4. पूजा के बाद बिगड़ी मानसिक स्थिति,बच्ची की बलि देने ले गया जंगल, लोग पहुंचे तो लगा ली फांसी

छत्तीसगढ़ के कोरबा में गांव की खुशहाली के लिए विशेष पूजा रखी गई थी। इस पूजा में शामिल होने गए गांव के एक युवक की मानसिक स्थिति बिगड़ गई। वह सारी रात चीखता-चिल्लाता रहा। फिर अगले दिन सुबह पड़ोसी की 3 साल की बच्ची को उठाकर जंगल में बलि देने के लिए ले गया। परिजन पहुंचे तो किसी तरह छोड़ा। इसके बाद फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामला बालको थाना क्षेत्र का है।

पूजा से लौटा तो अजीब हरकते कर चिल्लाने लगा
दरअसल, गांव में खुशहाली और शांति बनी रही, इसके लिए रजगामार चौकी क्षेत्र के ग्राम कोरकोमा में हर साल विशेष पूजा होती है। इसमें गांव के मुखिया, बैगा और कुछ लोग देवी स्थल पर पूजा अर्चना करने जाते हैं। इस बार भी ग्रामीणों ने रविवार रात पूजा का आयोजन किया था। इसी पूजा में गांव के ही शिव नगर मोहल्ले में रहने वाला होरी लाल उर्फ फग्गू (45) भी पहुंचा था। वहां से लौटने के दौरान फग्गू की मानसिक स्थिति बिगड़ गई। वह अजीब हरकतें करते हुए चिल्लाने लगे।

बच्ची के गले पर हंसिया रख देने जा रहा था बलि
उसकी हरकतें देखकर गांव वाले डर गए। किसी तरह रात बीती, लेकिन अगले दिन सुबह से फिर उसने वैसी ही हरकतें शुरू कर दी। इसके बाद संवरा मोहल्ले में रहने वाले राकेश राठिया की आंगन में खेल रही तीन साल की बेटी संजना को उठा ले गया। इसकी जानकारी परिजनों और ग्रामीणों को हुई तो वह फग्गू के पीछे दौड़े। जंगल में देखा कि फग्गू ने बच्ची के गले पर हंसिया रखा था और बलि देने की बात कहकर चिल्ला रहा था। इस पर किसी तरह सभी ने विनती कर बच्ची को बचाया।

सरपंच की सास का सिर फोड़ा
वहां से फग्गू गांव की महिला सरपंच रुपेश्वरी के घर में घुस गया और हंगामा करने लगा। मना करने पर उसकी 60 साल की सास ललिता बाई पर पत्थर से हमला कर दिया। इससे वह चोटिल हो गई। इस पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इस बीच फग्गू ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। पुलिस जब तक मौके पर पहुंची फग्गू ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जहां मंगलवार को पंचनामा भरकर परिजनों को सौंप दिया गया है।

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