छत्तीसगढ़

7. बेहद चमत्कारी है ओमेगा-3, सेवन से होंगे गजब के फायदे, इन 5 फूड में मिलता है भरपूर

ओमेगा 3 के फायदे – शरीर में ओमेगा 3 का पर्याप्त मात्रा में होना बेहद जरूरी है. इसका सेवन डिप्रेशन, एंजाइटी में सुधार लाता है. आंखों की सेहत के साथ ही प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रेन हेल्थ को बेहतर रखने में मदद करता है. ओमेगा 3 हार्ट डिजीज का खतरा भी कम करता है. इन्फ्लेमेशन घटाने में भी ओमेगा 3 काफी असरदार होता है. इसके साथ ही ऑटोइम्यून डिजीज में भी ओमेगा 3 फायदेमंद हो सकता है. ओमेगा 3 लिवर का फैट भी घटाता है. आइए जानते हैं किन फूड्स में ओमेगा 3 प्रचुर मात्रा में मिलता है

फिश – आप अगर नॉनवेजिटेरियन हैं तो बेहद आसानी से शरीर में ओमेगा-3 की कमी को दूर कर सकते हैं. मैकेरल फिश में काफी मात्रा में ओमेगा 3 पाया जाता है. इसके साथ ही सेलमन फिश में भी प्रचुरम मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड मिलता है. इन मछलियों में हाई क्वालिटी प्रोटीन समेत अन्य न्यूट्रिएंट्स भी पाए जाते हैं. सेलमन में काफी विटामिन डी और विटामिन बी भी पाया जाता है. इन मछलियों का सेवन डिप्रेश, एंजाइटी समेत कई अन्य बीमारियों में लाभकारी हो सकता है.

कॉड लिवर ऑयल – ओमेगा 3 की कमी पूरी करने के लिए कॉड लिवर ऑयल एक बढ़िया ऑप्शन है. कॉड लिवर ऑयल फूड से ज्यादा एक सप्लीमेंट है. इसे ऑयल को कॉड फिश के लिवर से निकाला जाता है. इस ऑयल में ओमेगा 3 फैडी एसिड काफी मात्रा में होता है और साथ ही विटामिन डी और ए भी पाया जाता है. रोजाना एक टेबलस्पून कॉड लिवर ऑयल का सेवन ओमेगा 3 की रोजाना की कमी पूरी कर सकता है.

अलसी – ओमेगा 3 फैटी एसिड नॉनवेज में ज्यादा पाया जाता है, हालांकि आप वेजिटेरियन हैं तो अलसी खाकर इसकी कमी को काफी हद तक पूरा कर सकते हैं. होल फूड के तौर पर अलसी ओमेगा 3 का एक बेहद बढ़िया सोर्स माना जाता है. इसमें फाइबर, मैग्नीशियम और अन्य न्यूट्रिएंट्स भी काफी मात्रा में पाए जाते हैं. अन्य प्लांट सीड्स के मुकाबले अलसी में काफी ज्यादा मात्रा में ओमेगा 3 पाया जाता है.

अखरोट – ड्राई फ्रूट के अंतर्गत आने वाला अखरोट भी ओमेगा 3 के लिए एक बढ़िया सोर्स है. अखरोट काफी पौष्टिक होता है और फाइबर से भरपूर होता है. अखरोट में कॉपर, मैग्नीशियम और विटामिन ई भी पाया जाता है. अखरोट का सेवन ब्रेन हेल्थ को बेहतर रखने में काफी मददगार साबित हो सकता है.

सोयाबीन – भारतीय घरों में सोयाबीन का तेल काफी उपयोग किया जाता है. बता दें कि सोयाबीन में भी ओमेगा 3 और ओमेगा 6 पाया जाता है. ये फाइबर और वेजिटेबल प्रोटीन का भी अच्छा सोर्स माना जाता है. सोयाबीन का सेवन कार्डियोवस्कुलर डिजीज में भी लाभकारी हो सकता है. इसके अलावा पाइश्चुराइज़्ड अंडे, पालक, स्प्राउट्स आदि में भी ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है.

Related Articles

Back to top button