छत्तीसगढ़

8. सरसों का तेल दिल के लिए फायदेमंद, ज्यादा इस्तेमाल कर सकता है बीमार, साइड इफेक्ट जानकर चौंक जाएंगे

भारत में लंबे समय से खाना बनाने में सरसों का तेल इस्तेमाल किया जा रहा है. यह तेल व्यंजनों का स्वाद बढ़ाता है और लोग इसे खूब इस्तेमाल करते हैं. सरसों का तेल मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड से भरपूर होता है, जो हार्ट हेल्थ के लिए लाभकारी माना जाता है. इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो शरीर की सूजन को कम करते हैं. सरसों में कई अन्य पोषक तत्व होते हैं, जिसकी वजह से इसे सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. कुछ लोग खाने-पीने की अधिकतर चीजों में इस ऑयल को यूज करते हैं. हालांकि इसका ज्यादा सेवन करना सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है. आज आपको बताएंगे कि सरसों के तेल का ज्यादा सेवन करने से शरीर को कौन से बड़े नुकसान हो सकते हैं.

नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत के मुताबिक सरसों का तेल पुराने समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है. भारत में लोग खाने में ही नहीं, बल्कि स्किन के लिए भी इसका यूज करते हैं. कम मात्रा में सरसों का तेल इस्तेमाल करने से कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद मिलती है. इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर और फैट को कम करने में मदद करता है. इस तेल में एलिल आइसोथियोसाइनेट होता है, जिसे शरीर की इंफ्लेमेशन को कम करने के लिए मददगार माना जाता है. सरसों का तेल कई फायदेमंद प्रॉपर्टी से भरपूर होता है. हालांकि लंबे समय तक इसका सेवन नहीं करना चाहिए.

खाने के लिए सुरक्षित नहीं सरसों का तेल?

डॉ. सोनिया रावत कहती हैं कि सरसों के तेल का लॉन्ग टर्म इफेक्ट अच्छा नहीं होता है. सरसों के तेल में इरुसिक एसिड (erucic acid) की मात्रा अधिक होती है. यह एसिड हमारी सेहत को बुरी तरह प्रभावित करता है. यह एसिड एनीमिया और डायरिया का कारण भी बन सकता है. आमतौर पर अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इस तेल का प्रयोग प्रिजर्वेटिव के रूप में किया जाता है, जिसका सेवन करने से डाइजेस्टिव सिस्टम खराब हो सकता है. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि इसका ज्यादा और लंबे समय तक सेवन नहीं करना चाहिए, वरना फायदे की जगह नुकसान हो सकता है.

डॉक्टर की मानें तो लंबे समय तक सरसों का तेल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अब सवाल उठता है कि सरसों का तेल इस्तेमाल न करें, तो खाने में कौन सा तेल डालें. इस पर डॉ. सोनिया कहती हैं कि बीच-बीच में आप सरसों का तेल यूज न करके ऑलिव ऑयल, सनफ्लावर ऑयल और अन्य वेजिटेबल ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि इनका उपयोग भी कम मात्रा में ही करना चाहिए. अगर संभव हो, तो बीच-बीच में कुछ दिन ऐसा खाना बनाएं, जिसमें तेल की जरूरत न पड़े. इससे आपकी सेहत को नुकसान नहीं होगा और आप फिट रह सकेंगे.

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