छत्तीसगढ़

4. महापौर एजाज ढेबर ने BJP पर बोला हमला, कहा – ED ईडी अडानी से क्यों नहीं करती पूछताछ ?, PCC चीफ मोहन मरकाम भी रहे मौजूद

रायपुर.   पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने भाजपा पर जमकर हमला बोला है. मरकाम ने कहा, भाजपा आज निम्न स्तर की राजनीति करने लगी है. सोनिया गांधी को लेकर भाजपा के नेता वीडियो वायरल कर रहे हैं. लेकिन उन्हें अपने अध्यक्ष जेपी नड्डा का वीडियो देखना चाहिए. जेपी नड्डा का हाल भाजपा में क्या किसी से छिपा नहीं. साथ ही मरकाम ने कहा, अधिवेशन को विफल करने ईडी को भेजा गया. ईडी के छापे पड़े, लेकिन हम नहीं डरे. हमारा अधिवेशन ऐतिहासिक रहा.

आगे उन्होंने कहा, अंग्रेज शासनकाल में भी अधिवेशन हुए थे, अंग्रेजी शासन भी नहीं रोक पाई. भाजपा ने भी रोकने की कोशिश की, लेकिन नहीं रोक पाई. इतना ही नहीं मरकाम ने महाधिवेशन को मिल का पत्थर भी बताया. उन्होंने कहा, कांग्रेस के संविधान में नए नियम बनाए गए.

कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, भाजपा शासनकाल में कितने ही घोटाले हुए. ईडी ने किसी मामले की जांच नहीं की. नान में 36 हजार करोड़ का घोटाला हुआ. ईडी ने रमन सिंह और उनके परिवार की जांच नहीं की. ईडी में प्रकरण होने के बाद मामले की जांच नहीं की गई.

ईडी कांग्रेस अधिवेशन को बाधित करने कार्यवाही कर रही थी-मोहन मरकाम

ईडी नान घोटाले, चिटफंड घोटाले की जांच कब करेगी?-सुशील आनंद शुक्ला

ईडी अडानी से क्यों नहीं पूछताछ करती?-एजाज ढेबर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महापौर एजाज ढेबर ने राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि कांग्रेस अधिवेशन को बाधित करने के लिये केन्द्र की मोदी सरकार ने अनेको हथकंडे अपनाये। हमारे नेताओं के यहां ईडी के छापे मारे हमारे नेताओं को अधिवेशन में आने से रोका गया था

हमारे अधिवेशन की तैयारी में जुटे नेताओं को टारगेट किया गया, ताकि अधिवेशन असफल हो। यही नहीं अधिवेशन में काम करने वाले कारोबारी के यहां भी ईडी वाले गये उनके लाखों कोशिशों के बावजूद कांग्रेस का अधिवेशन ग्रैंड सफल रहा। देश भर से अतिथि आये कांग्रेस के अधिवेशन की तारीफ करके गये। भाजपा की मोदी सरकार ने अधिवेशन को रोकने के लिये जो हथकंडे अपनाया वह तो अंग्रेज भी नहीं अपनाते थे। आजादी के पहले कांग्रेस के 58 अधिवेशन हुये कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई के लिये अपने हर अधिवेशन में अंग्रेजी सरकार के खिलाफ अनेको प्रस्ताव पारित किये।

इसके बावजूद अंग्रेजी सरकार ने कांग्रेस के अधिवेशन पर रोक नहीं लगाया था। भाजपा की केंद्र सरकार का चरित्र इतना आलोकतांत्रिक है कि वह विपक्ष का अधिवेशन बर्दाश्त नहीं कर पा रही। कांग्रेस के अधिवेशन में उठाये गये सवालों का भाजपा के पास मोदी के पास कोई जवाब नहीं है। अडानी के घोटाले का मोदी के पास कोई जवाब नहीं। उन्हें बीमार सोनिया गांधी पर छाता लगाये जाने पर आपत्ति है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को अमित शाह धकियाते है तो मोदी की बोलती बंद रहती है।

आगे सुशील आनंद शुक्ला हजारों करोड़ का चिटफंड घोटाला हुआ, लेकिन ईडी ने जांच नहीं की. चिटफंड को बढ़ावा देने का काम रमन सरकार ने किया था. हमारी मांग है कि, इन मामलों की जांच होनी चाहिए. हम पूछना चाहते हैं कि, क्या ईडी भाजपा की अनुसांगिक संगठन नहीं है ?

 

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