छत्तीसगढ़

7. सीने में उठे ये 5 दर्द हैं दिल की बीमारी का संकेत, न करें नजरअंदाज, वरना हार्ट अटैक का होगा खतरा

हममें से हर कोई कभी न कभी छाती में दर्द से जरूर गुजरे होंगे. दरअसल, छाती में दर्द कई तरह के होते हैं. कभी अचानक बहुत तेज दर्द होता है और कुछ मिनट के बाद सही भी हो जाता है. कभी छाती का दर्द अक्सर कुछ अंतराल पर होता है तो कभी छाती में मीठा-मीठा दर्द होता है. कभी-कभी सीने में जलन जैसा लगने लगता है. कुछ मामलों में, सीने का दर्द गर्दन और जबड़े तक पहुंच जाता है और फिर पीठ या नीचे एक या दोनों हाथों में फैल जाता है. ऐसा दर्द सीधे हार्ट से संबंधित जटिलताओं के कारण होता है. वैसे चेस्ट पेन के कई कारण हो सकते हैं.

ज्यादातर सीने का दर्द मामूली होता है और इससे कोई खास खतरा नहीं है लेकिन कुछ प्रकार के सीने का दर्द हार्ट में परेशानी से संबंधित दर्द होता है और उसे नजरअंदाज करना हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ावा देना है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि सीने में कौन सा दर्द किस बीमारी के संकेत हैं या हो सकते हैं.

हार्ट से संबंधित सीने के दर्द की पहचान ऐसे करें

मायो क्लिनिक के मुताबिक छाती में उठे कुछ खास दर्द हार्ट की बीमारी से संबंधित हो सकते हैं. हालांकि हार्ट डिजीज से पीड़ित अधिकांश मरीजों का मानना होता है कि यह दर्द मामूली है और इससे कोई खास परेशानी नहीं होती है. लेकिन अगर छाती में दर्द की तीव्रता अधिक है तो यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकती है.

  1. जब छाती में भारीपन, जलन और बहुत अधिक दबाव महसूस हो तो यह हार्ट से संबंधित परेशानी हो सकती है.
  2. ऐसा दर्द जिसमें लगे कि छाती को कोई सिकोड़ रहा है या बहुत जोर से दबा रहा है और यह दर्द बढ़कर जबड़े, शोल्डर और हाथों तक पहुंच जाए तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें. वरना एक दिन अचानक हार्ट अटैक हो सकता है.
  3. छाती का दर्द जब कुछ मिनट तक लगातार एक ही तीव्रता से हो और किसी तरह की गतिविधि करने पर खत्म न हो तो यह हार्ट से संबंधित दर्द है. जब इस तरह का दर्द एक या दो मिनट से ज्यादा देर वाला हो, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें.
  4. छाती में दर्द के साथ यदि सांस लेने में दिक्कत हो तो यह दिल से संबंधित जटिलताओं का संकेत हो सकता है.
  5. छाती में दर्द के साथ ठंडा पसीना आए तो यह भी हार्ट कंपलीकेशन की वजह हो सकती है.
  6. अक्सर चक्कर आता हो, काम करने में आलस्य होने लगे और कमजोरी बहुत ज्यादा हो गई है तो यह हार्ट से संबंधित परेशानी हो सकती है.
  7. जब दिल की धड़कन बहुत तेज होने लगे तो यह भी हार्ट से संबंधित परेशानी हो सकती है.

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