छत्तीसगढ़

6. सौ से अधिक प्रकार का होता है गठिया, जानिये क्या हैं इसके लक्षण

आमतौर पर लोग गठिया को सिर्फ जोड़ों के दर्द और सूजन से जोड़कर देखते हैं, जबकि यह एक आटो इम्यून डिसआर्डर है और यह सौ से अधिक प्रकार का होता है। यह सिर्फ शरीर के जोड़ों पर ही दुष्प्रभाव नहीं डालता, बल्कि अन्य अंगों को भी क्षति पहुंचाता है। इसलिए जरूरी है कि गठिया के लक्षण जैसे जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न दिखते ही तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

गठिया का इलाज अब पहले से आसान हो गया है। पहले जहां मरीज को सिर्फ दर्द निवारक दवाएं दी जाती थी, वहीं अब बायोलाजिकल ट्रीटमेंट से भी इसका इलाज होने लगा है। ये बेहद कारगर और असरदार है। हालांकि जानकारी के अभाव में अभी भी मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पाता है।

यह बात गठिया रोग विशेषज्ञ डा. ऋतुजा पुरस्वानी ने विश्व महिला दिवस के अवसर पर स्वामी प्रीतमदास सभागृह में आयोजित निशुल्क आर्थराइटिस रोग योग शिविर के दौरान कही। शिविर में 250 से अधिक मरीज पहुंचे। इस दौरान योग शिक्षिका अमला शर्मा ने गठिया रोग के मरीजों को फायदेमंद योग आसन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गठिया को लेकर एक सामान्य भ्रांति यह है कि गठिया बुजुर्गों की बीमारी है, जबकि यह तीन वर्ष से लेकर वयोवृद्धों तक किसी को भी हो सकता है।

 

गठिया के सामान्य लक्षण

 

 

जोड़ों में दर्द और सूजन, जकड़न, जोड़ों को घुमाने में कठिनाई, प्रभावित स्थान पर लालिमा और गर्माहट, कमजोरी, थकावट, सुबह उठने पर आधे घंटे तक अकड़न, हड्डी में बुखार रहना, जोड़ों में टेढ़ापन आना आदि।
अपनाएं बेहतर खानपान और जीवनशैली

 

 

– दूध, दही, संतरा, नींबू और मौसंबी से मिलने वाले विटामिन गठिया के दर्द को कम करते हैं।

 

 

– टमाटर और बैंगन से मिलने वाला आयरन और विटामिन डी गठिया में राहत के लिए जरूरी है।

 

 

– राजमा और सोयाबीन जैसा प्रोटीन गठिया के मरीजों लिए फायदेमंद है।

 

 

– बिना तड़के और क्रीम वाली दालें गठिया रोगियों के लिए पोषण का अच्छा स्रोत है।

 

 

– सूखे मेवे लेना अच्छा है, लेकिन इनकी मात्रा कम होनी चाहिए।

 

 

– रोजाना गुनगुने पानी से नहाएं।

 

 

– नियमित 40 मिनट व्यायाम करें।

 

 

– आठ घंटे की नींद प्रतिदिन लें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button