छत्तीसगढ़

6. मिर्गी के लक्षण पहचान कर समय पर करवाएं उपचार, कई कारणों से हो सकती है यह बीमारी

 इंसान के शरीर में मस्तिष्क बेहद जटिल अंग होता है। जितनी जटिल इसके काम करने की विधि है उतने ही जटिल इसके रोग भी हैं। ऐसा ही रोग है एपिलेप्सी जिसे आम बोलचाल की भाषा में मिर्गी कहा जाता है।

न्यूरोलाजिस्ट डा. अमित माहेश्वरी ने बताया कि मिर्गी एक क्रोनिक न्यूरोलाजिकल डिसआर्डर है, जिसमें मस्तिष्क असामान्य रूप से कार्य करता है। जरूरत से ज्यादा विद्युतीय गतिविधि के कारण व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन होने लगता है। बार-बार दौरे पड़ते हैं, व्यक्ति का दिमागी संतुलन पूरी तरह अनियंत्रित हो जाता है और शरीर असामान्य हो जाता है।

ये हैं मिर्गी के लक्षण

 

मिर्गी को लेकर कई भ्रम और अंधविश्वास भी समाज में फैले हुए हैं। मिर्गी एक ऐसी समस्या है जो पुरुष और महिला किसी को भी हो सकती है, यह दौरे शरीर के किसी एक हिस्से या पूरे शरीर को प्रभावित कर सकते हैं। बेहोशी, हाथ-पैरों में झटके आना, आंखों का पलटना, भ्रम, याददाश्त कमजोर होना, बोलने में कठिनाई, डर या चिंता, सांस लेने में परेशानी मिर्गी के प्रमुख लक्षण हैं।

मिर्गी के हो सकते हैं ये कारण

 

मस्तिष्क में या सिर में लगी चोट, जन्मजात विकार, मस्तिष्क में आक्सीजन की कमी होना, असामान्य मस्तिष्क का विकास, जन्म के समय शिशु को ट्रामा लगना, मस्तिष्क की गांठ, पारिवारिक मिर्गी का इतिहास, मस्तिष्क का संक्रमण यानी ब्रेन एब्सेस भी मिर्गी के प्रमुख कारण हो सकते हैं। इसके अलावा स्ट्रोक, ट्यूमर, मस्तिष्क में रक्तस्राव और मादक द्रव्यों के सेवन से भी मिर्गी की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

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